
निमाड़ एवं मालवा में आकाशवाणी इंदौर का स्थापना दिवस मनाया।
आकाशवाणी इंदौर के 71वें स्थापना दिवस पर केक काटकर कई कार्यक्रम हुए प्रस्तुत।
खंडवा। निमाड़ एवं मालवा के रेडियो श्रोताओं द्वारा आकाशवाणी इंदौर का स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया, 22 मई सन् 1955 को आकाशवाणी इंदौर की शुरुआत हुई है । सर्वप्रथम आजाद नगर इंदौर में 20 किलो वाट का ट्रांसमीटर लगा इससे शुरुआत हुई आकाशवाणी इंदौर की। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया इंदौर के पश्चात राऊ में 200 किलोवाट का डिजिटल ट्रांसमीटर लगने से बहुत बड़े क्षेत्र में आकाशवाणी इंदौर सुनाई देने लगा, आज भी मोबाइल और इस आधुनिक युग में लाखों श्रोता आकाशवाणी के माध्यम से सभी कार्यक्रम एवं गानों का आनंद प्राप्त कर रहे हैं। रेडियो श्रोता आनंद जोशी एवं प्रवीण श्रीमाली बताया कि मालवा निमाड़ का सर्वप्रथम आकाशवाणी केंद्र इंदौर ही रहा है चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो चाहे विज्ञान एवं साहित्य से जुड़ी बातें हो सांस्कृतिक,राजनीतिक एवं व्यावसायिक रूप से आकाशवाणी इंदौर में जहां एक और विविध भारती के माध्यम से मनोरंजन की दुनिया में अपनी छाप छोड़ी वहीं अन्य गतिविधियों में भी जन-जन तक उसकी आवाज को पहुंचाया, निमाड़ मालवा के रेडियो श्रोताओं में सर्वश्री श्रवण सिंह गिन्नारे, संजय पंचोलिया, विजय महोबिया, सुदर्शन शाह,दुर्गा प्रसाद सैनी, ठाकुर भवानी सिंह बेस, मोहम्मद रफीक पवार, अब्दुल गफ्फार डाबर, पिंटू सेन हुकुमचंद कटारिया शेख मूसा मोहसिन बाबूलाल चौधरी, विजय सोनी एवं कपिल तिवारी आदि ने बधाई प्रेषित की….
आकाशवाणी के 90 वर्ष और आकाशवाणी इंदौर के 71वें स्थापना दिवस पर मालवा हाउस में भव्य सांस्कृतिक उत्सव के साथ यह दिवस संपन्न हुआ…
प्राइमरी और विविध भारती चैनल पर हुआ ऐतिहासिक 1 घंटे 50 मिनट का लाइव फोन-इन कार्यक्रम
अधिकारियों और कर्मचारियों ने ढोल की थाप पर किया
नृत्य, बनाई आकर्षक रंगोलियां, बदलते दौर में तकनीकी गुणवत्ता और रचनात्मक कार्यक्रमों पर दिया गया विशेष जोर, आकाशवाणी के गौरवशाली 90 वर्ष पूरे होने के राष्ट्रव्यापी उत्साह और आकाशवाणी इंदौर के 71वें स्थापना दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर मालवा हाउस स्थित आकाशवाणी परिसर में एक भव्य और गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह से लेकर देर शाम तक चले इस उत्सव में परंपरा, तकनीक, संस्मरण और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला।
सुबह का सत्र: दीप प्रज्वलन और ऐतिहासिक लाइव फोन-इन उत्सव की शुरुआत सुबह 10:00 बजे मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। दीप प्रज्वलन कार्यक्रम प्रमुख राजेश पाठक, अभियांत्रिकी प्रमुख अभय कुमार गुप्ता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। सुनील जैन ने बताया कि इसके तुरंत बाद आकाशवाणी के इतिहास में एक अनूठा और ऐतिहासिक क्षण आया, जब आकाशवाणी के प्राइमरी चैनल और विविध भारती चैनल से एक साथ (सिमुलकास्ट) 1 घंटे 50 मिनट का विशेष लाइव फोन-इन प्रोग्राम प्रसारित किया गया। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के श्रोताओं ने लाइव जुड़कर अपने शुभकामना संदेश साझा किए और आकाशवाणी से जुड़े अपने 90 वर्षों के संस्मरण सुनाए। इस ऐतिहासिक लाइव शो में आकाशवाणी के पूर्व उद्घोषक देवेंद्र कौर मधु, संतोष जोशी, विजय राय के साथ-साथ वर्तमान कार्यक्रम प्रमुख राजेश पाठक और अभियांत्रिकी प्रमुख अभय कुमार गुप्ता भी शामिल हुए। कार्यक्रम का कुशल संचालन आकाशवाणी इंदौर के वरिष्ठ उद्घोषक संजीव मालवीय ने किया। इस पूरे प्रसारण की लाइव स्ट्रीमिंग आकाशवाणी इंदौर के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी की गई, जिसे डिजिटल दर्शकों की भी शानदार प्रतिक्रिया मिली। दोपहर में स्टूडियो और पूरे प्रांगण में उत्सव का माहौल रहा, जहाँ सभी कर्मचारियों और अधिकारियों ने ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया और खूबसूरत रंगोलियां बनाईं। रेडियो श्रोता आनंद जोशी ने बताया कि भव्य सांस्कृतिक एवं औपचारिक समारोह शाम 6:00 बजे से आकाशवाणी परिसर में ही बने एक विशाल और सुसज्जित मंच पर सांस्कृतिक व औपचारिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। दीप प्रज्वलन एवं गरिमामयी उपस्थिति:
शाम के सत्र की शुरुआत अभय कुमार गुप्ता (अभियांत्रिकी प्रमुख), राजेश पाठक (कार्यक्रम प्रमुख) के साथ कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती डॉक्टर प्रीति छड़ीदार, असीम कैथवास, जे.एन. वर्मा, एस.के. जैन और एस.डी. यादव द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। अभियांत्रिकी प्रमुख अभय कुमार गुप्ता द्वारा उपस्थित समस्त आकाशवाणी परिवार के अधिकारियों और कर्मचारियों को संस्थान के प्रति निष्ठा की शपथ दिलवाई गई। अपने उद्बोधन में श्री गुप्ता ने कहा, “वक्त के साथ तकनीकी गुणवत्ता को बनाए रखना और उसे आधुनिक बनाना आकाशवाणी की सबसे अहम और प्राथमिक जरूरत है।”
वहीं, कार्यक्रम प्रमुख राजेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा, “हम सबका यह परम दायित्व है कि आज के वर्तमान और बदलते डिजिटल दौर के हिसाब से अपने कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करें और ऐसे कंटेंट पर जोर दें जो आकाशवाणी को जन-जन में और अधिक लोकप्रिय बनाए।
इस अवसर पर आकाशवाणी इंदौर के पूर्व कार्यक्रम अधिकारी राहुल पंवार का विदाई सम्मान संजीव कुमार मालवीय द्वारा किया गया। सम्मान के पश्चात राहुल पंवार ने भावुक उद्बोधन देते हुए आकाशवाणी के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। इसके साथ ही श्रीमती अमृता विक्रम सिंह और रूपाली चव्हाण के नेतृत्व में ‘बैज सेरिमनी’ का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। इसके बाद आकाशवाणी इंदौर के 71 वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सभी की उपस्थिति में एक भव्य केक काटा गया। सुनील जैन ने बताया की औपचारिक सत्र के बाद आकाशवाणी के विभिन्न विंग्स और कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए गए, जिसने समां बांध दिया, स्वाति उखले और साथियों द्वारा सुमधुर लोक गीतों की प्रस्तुति दी गई।
आकस्मिक उद्घोषकों द्वारा आकाशवाणी के सफर और उसकी महत्ता को दर्शाता विशेष नाटक “मैं हूं आकाशवाणी” का प्रभावी मंचन किया गया। ब्रॉडकास्ट असिस्टेंस और खेती-गृहस्थी के कंपीयर्स द्वारा गुदगुदाने वाली हास्य झलकियां पेश की गईं। ‘महिला सभा’ की कंपीयर्स द्वारा “सखियों की मस्ती” और ‘युवानी’ व ‘मराठी’ कंपीयर्स द्वारा ऊर्जा से भरपूर प्रस्तुतियां दी गईं।कार्यक्रम के अंत में पूरा आकाशवाणी परिवार एक साथ ढोल की थाप पर थिरक उठा।
कृतज्ञता ज्ञापन और समापन:
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आकाशवाणी इंदौर के कार्यक्रम अधिकारी असीम कैथवास ने सभी अतिथियों, कलाकारों, कर्मचारियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।












